Category: गंगा मैया

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अमर कथा (भगवत कथा) जो महादेव ने पर्वती जी को सुनाई

एक बार की बात है भगवान शिव कैलाश पर्वत पर ध्यान लगाए बैठे थे उसी समय माता पर्वती भगवान के पास आती है, उन्हें प्रणाम करती है और  हाथ जोड़कर ...

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कामदा एकादशी का व्रत कथा एवं महत्व

कामदा एकादशी जिसे फलदा एकादशी भी कहते हैं, श्री विष्णु का उत्तम व्रत कहा गया है. इस व्रत के पुण्य से जीवात्मा को पाप से मुक्ति मिलती है. यह एकादशी...

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गौमाता की विलक्षण महिमा

” जय श्री कृष्ण , जय गौ माता “ नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गति: । नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया ॥ ” माता के तुल्य कोई छाया नहीँ...

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शिव मानस पूजा (शिव जी की मानसिक पूजा)

रत्नौ: कल्पित  मासनं हिम-जलै: स्नानं च दिव्याम्बरं नान -रत्न विभूषितमं मृगमदामोदांकितं चन्दनं । जाती -चम्पक -बिल्व-पत्र रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत -कल्पित गृह्लाताम् ।। (1)...

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रूद्राष्टक

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्ना वेदस्वरूपं।। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेहं।। (1) निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं।। करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतोहं।। (2) तुषारराद्रि संकाश गौरं गभीरं।...

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parmatma ke ansh hain sab

 “hum sabhi parmatma ke ansh hain , prantu hamari svatantra man ke karmon ke karan kuch log aashuri vrati ke ashur jaise ho jate hain , or kuch gyani log...

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mangal maye ho

Sabhi sukhi hon , sabhi rogmukkt hon, sabhi mangalmay ke sakshi bane, or kisi ko bhi dukh ka bhagi na banna pade.