Category: ज्ञान ज्योति

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गोवर्धन पूजा goverdhan puja (अन्नकूट)पूजा,मान्यता, महत्व और लोककथा October 2019

दीपावली की अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस त्यौहार का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है। इस पर्व में...

नरक चतुर्दशी का व्रत,पूजा एवं दीपक जलाने का महत्व october 2019

दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन को छोटी दिवाली, रूप चतुर्दशी और यम दीपावली के नाम से भी पहचाना...

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रमा एकादशी (Rama Ekadashi) का महात्‍व,पूजा विधि ,व्रत के नियम,एवं व्रत कथा october 2019

रमा एकादशी (Rama Ekadashi) का हिन्‍दू धर्म में बड़ा महात्‍म्‍य है। मान्‍यता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार जो...

प्रदोष व्रत october 2019

गुरुवार का दिन होने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत...

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शिव मानस पूजा (शिव जी की मानसिक पूजा)

रत्नौ: कल्पित  मासनं हिम-जलै: स्नानं च दिव्याम्बरं नान -रत्न विभूषितमं मृगमदामोदांकितं चन्दनं । जाती -चम्पक -बिल्व-पत्र रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत -कल्पित गृह्लाताम् ।। (1)...

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श्री हरि को प्रिय अपने भक्त

काकभुशुण्डि जी की स्तुति करने से श्रीहरि बहुत प्रसन्न हुए और कहने लगे कि हे काक अब मैं तुमको अपना निज सिद्धांत सुनाता हूँ । इसे सुनकर तुम अपने मन...

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शिव तांडव स्तोत्रम

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपातिस्थले गलेवलम्ब्य लाम्बितां भुजगंतुग्डमालिकाम्। डमड्डमडमडमन्निनादवड्मर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु न: शिव: शिवम् ।।(1)।। जटाकटाहसम्भ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्जवलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रति: प्रतिक्षणं मम ।।(2)।। धराधरेन्द्रनंदिनी विलासबन्धुबन्धुरा स्फुरध्दगन्तसन्ततिप्रमोदमान मानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरूद्धर्धरापदि क्वचिच्चिदम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ।।(3)।।...

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केवट प्रसंग

कथा भगवान राम के वनवास के समय की है रामजी वनवास जा रहे थे और उनकी सारी प्रजा दु:खी हो रही थी जिनके वियोग में पशु-पक्षी इतने व्याकुल हो रहे...

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हनुमानजी की भगवान श्रीरामजी से भेंट

बात उस समय की हैं जब भगवान श्रीराम चौदह बर्ष के वनवास में थे। और हनुमान जी सुग्रीव आदि वानरों के साथ ऋष्यमूक पर्वत पर रहते थे। उस समय भगवान...

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माता सती का भ्रम एवं उनका संदेह

एक बार की बात है त्रेता युग में भगवान शिव माता सती के साथ बिहार करते हुए अगस्त्य ऋषि के आश्रम मे पहुँचे जगतजननी भवानी माता सती को शिव के...